Apollo Space Mission Kya Hai | Apolo 11,12,13,14,15,16, 17 Launch Date: पृथ्वी से चन्द्रमा की धरती में कदम रखने वाली एक मात्र देश संयुक्त राज्य अमेरिका(USA) है। जिसने Apollo नामक 7 मिशन भेजा गया जिसमें मात्र 6 मिशन ही सफल रहा। कहा जाता है कि चन्द्रमा की धरती में पहुंचने के लिए रूस ने भी प्रयास किया था, किन्तु रूस का प्रयास असफल रहा।

अपोलो नाम की सीरीज नें अमेरिका ने मिशन भेजना शुरू किया और अपोलो की सीरीज में 7 मिशन भेजा जिसमें मात्र 6 मिशन ही सफल हुआ।

NASA (नासा) ने क्यो अपोलो नाम ही चुना?

जब संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति कैनेडी का सपना था कि कोई मानव मिशन चाँद की धरती पर जाए और चन्द्रमा की उत्पत्ति के बारे में शटीक जानकारी दे। राष्ट्रपति ने इस काम को पूरा करने के लिए एक संगठन बनाया और यह जिम्मा USA की NASA (National Aeronautics and Space Administration) को सौपा गया। लेकिन कुछ बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति कैनेडी की मृत्यु हो गयी। नासा ने उनका यह सपना 8 वर्ष बाद पूरा किया।

अपोलो नाम?

Apollo Space Mission Kya Hai: NASA ने अपोलो नाम को क्यो चुनाः अपोलो एक ग्रीक माइथोलॉजी का शब्द है जिसका अर्थ है- तीरंदाजी, भविष्यवाणी कविता और संगीत के देवता थे, और सबसे इंपॉर्टेट बात ये थी कि वो सूर्य के देवता भी था। अपोलो रोज़ाना अपने सोने के रथ में बैठकर सूरज को आकाश में घुमाते थे।

Greek Mythology

Apollo 11 Space Mission | Where did apollo 11 launch from?

apollo 11 ko kis naam se jana jata hai: Apollo 11 मिशन का प्राथमिक उद्देेश्य 26 मई 1961 को यूएसए राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी द्वारा निर्धारित एक राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करना था, लेकिन यह मिशन 6 वर्ष बाद जूलाई 16,1969 में भेजा गया। जिसका उद्देश्य चन्द्रमा की धरती पर जाकर पृथ्वी पर सुरक्षित वापस आना था। अपोलो की सीरीज में पहला मिशन Apollo 11 भेजा गया जो सफल पूर्वक वापस धरती पर वापस आ गया।

चन्द्रमा की धरती तक जाने के लिए उड़ान की आवश्यकता थी जिसके लिए वैज्ञानिकों के अन्वेषण करना शुरू किया जिसमें कुछ चुनौतिया थी। जिसमें किसी व्यक्ति को चन्द्रमा की धरती पर सुरक्षित भेजना तथा वापस लाना था। यह एक कड़ी चुनौती औीर

Apollo 11 पहला मिशन था जिसे चन्द्रमा पर भेज गया जिसमें पृथ्वी पर प्रसारण भेजने के लिए एक टेलीविजन कैमरा लगाया गया एक सौर पवन संरचना प्रयोग, भूकंपीय प्रयोग पैकेज और एक लेजर रेंजिंग रिटोरफ्लेक्टर की तैनाता किया गया। वैज्ञानिकों के अन्वेषण के दौरान दो अंतरिक्ष याश्रियों को पृथ्वी पर लौटने के लिए चंद्रमा-सतह सामग्री के नमूने इकठ्ठा करने थे। बड़े पैमाने पर चंद्रमा से नमूने लाने के लिए तैनात वैज्ञानिक उपकरण, एलएम अंतरिक्ष यान और एक-दूसरे के साथ मोशन पिक्चर कैमरों की तस्वीरें खींच रहे थे। यह “फ्री-रिटर्न” प्रक्षेपवक्र उडाने वाला अंतिम अपोलो मिशन था।

Apollo 11

Apollo 11 मिशन चन्द्रमा की धरती पर उतरने वाला अन्तिम मिशन था। जोकि बिना इंजन के फायरिंग के साथ किसी भी समय मिशन के लिए तैयार गर्भपात प्रदान करने के साथ, बिना इंजन फायरिंग के पृथ्वी पर लौटने में सक्षम होगा। Apollo 11 मिशन का लक्ष्य तीन सवार वैज्ञानिको को सुरक्षित चन्द्रमा पर भेजना और पृथ्वी पर वापस आना है।अपोलो मिशन से तीन अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग, एडविन बज एल्ड्रिन और माइकल कॉलिंस को सुरक्षित चंद्रमा पर पहुंचाने। चन्द्रमा की धरती पर सबसे पहले पहुंचने वाले व्यक्ति नील आर्मस्ट्रांग थे कुछ ही समय बाद उनके सहयोगी एडविन बज एल्ड्रिन चन्द्रमा की जमीन पर उतरे। और माइकल कॉलिंस को बतौर पायलट अपोलो-11 में मौजूद थे।

अपोलो-11 मिशन 26 जूलाई 1969 में अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से सुबह 08ः32 बजे लॉन्च किया गया था। जिस लूनर मॉड्यूल से ये दोनों अंतरिक्ष यात्री अपोलो-11 से निकलकर चंद्रमा तक पहुंचे उसे ‘द ईगल’ नाम दिया गया था।

ये दोनों अंतरिक्ष यात्री ने चन्द्रमा की धरती पर 21 घंटे 31 मिनट बिताए। एडविन ने नील आर्मस्ट्रांग से 19 मिनट बाद चन्द्रमा की जमीन पर कदम रखा है। इन दोनों का चन्द्रमा का सफर आसान नहीं था चन्द्रमा पर पहुंचने से पहले पृथ्वी से रेडियों सम्पर्क टूट गया और कुछ समय बाद कम्प्यूटर पर कई एरर कोड्स आने लगा।

अपोलो-11 मिशन के लीडर नील आर्मस्टांग 82 वर्ष की उम्र 25 अगस्त 2012 को देहांत हो गया।

Apollo 12 Space Mission | Where did apollo 12 launch from?

Apollo 12 Space Mission | Where did apollo 12 launch from: अपोलो कार्यक्रम संयुक्त राज्य अमेरिका की एक मानव उड़ान की श्रंखला थी, जिसका उद्देश्य मानव को सुरक्षित चन्द्रमा पर भेजना और पृथ्वी पर वापस लाना। इसी श्रंखला में Apollo 12 दूसरा मानव अतंरिक्ष यान था जिसमें सैटर्न 5 रॉकेट और अपोलो यानो का प्रयोग किया गया था। यह अभियान अमेरिकी राष्ट्रपति कैनेडी के सपने की एक झलक थी। जिसे पूरा करने का जिम्मा नासा वैज्ञानिकों ने उठाया जिसने एक नहीं, अपोलो नाम की सीरीज शुरू कर दी और देखते-देखते 7 मिशन भेज दिया। जिसमें 6 मिशन तो सफल हुआ किन्तु ऩासा कम्पनी को एक मिशन में निराशा हाथ आई। अपोलो-12 नवम्बर 14, 1969 को बादल , बारिस और आकाश की गर्जना के बीच लॉन्च किया गया किन्तु लॉन्च 36 सेकेन्ड और 52 सेकेन्ड के बाद टेलीमैट्री सम्पर्क खो दिया।

अपोलो-12 के वैज्ञानिक

  • पीट कोर्नाड(Pete Conrad)-3 अंतरिक्ष यात्राये, कमांडर
  • रिचर्ड गोर्डान(Richard Gordon) – 2 अंतरिक्ष यात्राये, मुख्य नियंत्रण यान चालक
  • एलन बीन(Alan Bean)– एक अंतरिक्ष यात्रा चन्द्रयान चालक

अपोलो-12 से लाये गये नमूने

अपोलो अभियान ने कुल मिलाकर चन्द्रमा से ३८१.७ किग्रा पत्थर और अन्य पदार्थो के नमुने एकत्र कर के लाये थे। इसका अधिकांश भाग ह्युस्टन की चन्द्रप्रयोगशाला(Lunar Receiving Laboratory) में रखा है।Ferroan अपोलो १६ द्वारा प्राप्त अनोर्थोसिट।

रेडीयोमेट्रीक डेटींग प्रणाली जांच से यह पाया गया है कि चन्द्रमा पर की चटटानो की उम्र पृथ्वी पर की चटटानो से कहीं ज्यादा है। उनकी उम्र ३.२ अरब वर्ष से लेकर ४.६ अरब वर्ष तक है। ये नमुने सौरमंडल निर्माण की प्राथमिक अवस्था के समय के है। इस अभियान में पायी गयी एक महत्त्वपूर्ण चट्टान जीनेसीस है। यह चट्टान एक विशेष खनीज अनोर्थोसिट की बनी है।

Apollo 13 Space Mission | Where did apollo 13 launch from?

Apollo 13 Space Mission | Where did apollo 13 launch from: अपोलो 13 चन्द्र मिशन का तीसरा मावन मिशन था जिसे चन्द्रमा की धरती पर सुरक्षित उतारने का नासा स्पेस कम्पनी का सपना था जिसे पूरा करने के लिए अपोलो 13 मिशन को तैयार किया गया किन्तु इस मिशन में कुछ तकनिकी खराबी हो गयी

Apollo 13 एक ऐसा मिशन था जिसे बहुत कम लोग जानते था यह मिशन नासा द्वारा 11 अप्रैल 1970 को चाँद पर भेजा गया। नासा का यह एक ऐसा मिशन था जिसने लोगों की धड़कने रोक दी क्योंकि यह मिशन चन्द्रमा की कक्षा में तो प्रवेश कर दिया किन्तु चन्द्रमा की धरती पर नहीं उतर पाया। मिशन तो असफल रहा किन्तु इसे पूरी तरह से असफल नहीं कहा जा सकता है। क्योकि इस मिशन में बैठ अतंरिक्ष यात्री को वापस लाना की भी चुनौती थी। यह मिशन मानव जगत में एक कहानी गढ़ गयी।

अपोलो 13, 11 अप्रैल 1970 को चन्द्रमा के लिये रवाना हुआ जिसका नेतृत्व जॉन स्विगर्ट कर रहे थे। जॉन स्विगर्ट ऑक्सीजन टैंक को देखने के लिए गये तथा कुछ ही देर बाद ऑक्सीजन टैंक फट गया। जब ऑक्सीजन टैंक में फटा तो यह यान पृथ्वी से लगभग 4 लाख किलोमीटर दूर था।

apollo 13

दूसरा ऑक्सीजन टैंक भी खाली होने वाला था इस टैंक में मात्र 2 घंटे तक सफर के लिए ऑक्सीजन बचा था जब यह बात NASA के वैज्ञानिको के पैर तले जमीन खिसक गयी। क्योंकि अतंरिक्ष यात्री को पृथ्वी तक वापस लाना कठिन भरा काम था। किन्तु जैसे ही पता चला कि मिशन में कुछ खराबी है। तो मिशन के नेतृत्व कर रहे जॉन स्विगर्ट को वापस आने को कहा गया।

नासा ने मिशन को रद्द करने का फैसला किया तथा मिशन को वापस बुला लिया।इस काम के लिए ह्यूसटन स्पेस सेन्टर में टोरंटो यूनिवर्सिटी से एक्सपर्टस बुलाये गये। सभी लोग अतंरिक्ष यात्री का पृथ्वी पर वापस आने का इंतजार कर रहे थे

नासा अपने अतंरिक्ष यात्रियों को बचाने में सफल रहा और उसका मॉड्यूल दक्षिणा सागर में गिरा। और सभी अतंरिक्ष यात्री सुरक्षित वापस पृथ्वी पर कदम रखा। इस लिए हम कह सकते है कि यह मिशन असफल के साथ-साथ सफल भी रहा।

Apollo 14 Space Mission | Where did apollo 14 launch from?

Apollo 14 Space Mission | Where did apollo 14 launch from: चाँद पर भेजा जाने वाली चौथा तथा चांद की धरती पर पहुंचने वाला तीसरी मिशन था अपोलो-14 अपने आप में एक सफल परीक्षण माना जाता है। क्योंकि इस मिशन से चन्द्रमा की कुछ रहस्यों का पता चल गया था

अंतरिक्ष यात्री

  • एलेन शेफर्ड (Alan Shepard ) , 2 अंतरिक्ष यात्राये, कमांडर
  • स्टुवर्ट रूसा (Stuart Roosa) , 1 अंतरिक्ष यात्रा, नियंत्रण यान चालक
  • एडगर मिशेल (Edgar Mitchell) ,1 अंतरिक्ष यात्रा चन्द्रयान चालक

हर दिन की एक विशेषता होती है। 6 फरवरी 1971 का दिन भी खास था इसी दिन अपोलो-14 चांद के लिए रवाना हुआ इसमें दो अंतरिक्ष यात्री को चाँद की धरती पर उतरना था, तथा स्टुवर्ट रूसा को कक्षीय मिशन की कमान दी गयी। नासा यह सबसे सफल मिशन था इसका उद्देश्य चांद की धरती पर जाना और वहाँ से कुछ चन्द्रमा की धरती से चट्टान लाना था। 45 किलोग्राम का एक नमूना भी साथ लाये।

जाने कौन सा खेल खेला गया था।

Golf Game on the Moon

इस मिशन में पृथ्वी पर खेला जाने वाला सबसे लोकप्रिय खेल खेला गया। जिसका नाम गोल्फ खेल खेला गया था

अंतरिक्ष यात्री एलेन शेफर्ड अपने साथ गोल्फ स्टिक और गोल्फ की गेंदें भी लेकर गए थे। दिलचस्प बात ये है कि एलेन गोल्फ स्टिक और बॉल अपने स्पेस सूट में छिपाकर ले गए थे। जिसकी जानकारी किसी के पास नहीं थी क्योंकि यह एक जोकिख भरा कार्य था।

इन दोनों के चन्द्रमा की धरती पर सबसे ज्यादा 19 घंटे बिताए जो अब तक का सबसे बड़ा काम था तथा चन्द्रमा की धरती पर सबसे ज्यादा चलने का रिकार्ड भी इन दोनों के पास है।

Apollo 15 Space Mission | Where did apollo 15 launch from?

Apollo 11 Space Mission | Where did apollo 11 launch from: अपोलो-15 अपोलो मानव मिशन का नौवा तथा चन्द्रमा की धरती पर उतने वाला चौथा मिशन था। इसका उद्देश्य अपोलो-14 मिशन को आगे बढाना था अपोलो-15 , 26 जुलाई 1971 से 7 अगस्त 1971 तक चला , यह मिशन अपने साथ 77 किलोग्राम का नमूना इकठ्ठा करके साथ लाना था। यह मिशन अब तक का सबसे सफल मिशन था।

अंतरिक्ष यात्री

मिशन अपोलो-15 में लूनर रोविंग वाहन का पहला बार उपयोग किया गया था।

  • डेवीड स्काट(David Scott) -3 अंतरिक्ष यात्राये कमांडर
  • अल्फ्रेड वोर्डन(Alfred Worden) – 1 अंतरिक्ष यात्रा, नियंत्रण यान चालक
  • जेम्स इरवीन(James Irwin) -1 अंतरिक्ष यात्रा चन्द्रयान चालक
Apollo 15

Apollo 16 Space Mission kya Hai?

Apollo 16 Space Mission kya Hai: अपोलो16, चन्द्रमा की धरती पर पहुंचने वाला पांचवाँ तथा अपोलो सीरीज के क्रम मेे मानव का दशवाँ अभियान था। जो NASA द्वारा भेजा गया था।अपोलो-16 संयुक्त राज्य अमेरिका का चन्द्रमा पर सफल पहुंचने वाला पाचवाँ तथा चन्द्रमा पर भेजा जाने वाला छठा मिशन था।

अपोलो-16 जे-मिशन का दूसरा मिशन था इससे पहले अपोलो-15 भेजा गया था। यह मिशन चन्द्रमा के दूसरे छोर पर भेजा गया। यह मिशन 16 अप्रैल 1972 को चन्द्रमा पर भेजा गया और 27 अप्रैल को सुरक्षित पृथ्वी पर वापस उतरा। इस मिशन के चालक दल जॉन यंग, चाल्स ड्यूक व केन मेटिंग्ले थे। यंग ओर ड्यूक ने चांद की धरती पर 20 घंटे बिताए थे।

Apollo 17 Space Mission in Hindi

Apollo 17 Space Mission in Hindi: अपोलो-17 अपोलो मिशन का अन्तिम अभियान था जिसे चन्द्रमा की धरती पर सुरक्षित उतरना था संयुक्त राज्य अमेरिका की नासा स्पेस एजन्सी ने अपोलो क्रम का ग्यारहावां तथा मून मिशन का सातवाँ तथा चन्द्रमा की धरती पर पहुंचने वाला छठा मिशन था। यह मिशन जे-सीरीज का तीसरा मिशन था।  इस मिशन में सैटर्न 5 राकेट और अपोलो यानो का उपयोग किया गया था

अपोलो-17, 7 दिसंबर 1972 को लॉन्च हुआ था और 12 दिन अंतरिक्ष और चाँद पर बिताने के बाद दिनांक 19 दिसंबर 1972 को धरती पर वापस लौटा।

 अमेरिकी अंतरिक्षयात्री नील आर्मस्ट्रॉन्ग को चांद पर कदम रखने वाला पहला अतंरिक्षयात्री थे जो अपोलो-11 द्वारा चन्द्रमा की धरती पर कदम रखा था।

जाने कौन भारतीय है जो चन्द्रमा पर पहला कदम रखा? । Who is the first man go to moon?

कुछ लोगों का मानना है कि चन्द्रमा पर जाने वाले पहले भारतीय राकेश शर्मा थे किन्तु जानकरी के लिए बता दे कि अभी तक कोई भारतीय वैज्ञानिक चाँद पर कदम नहीं रखा।

Rakesh Sharma

गूगल पर भी यह जानकरी है कि राकेश शर्मा ऐसे पहले भारतीय हैं जिन्होंने चाँद पर कदम रखा। लेकिन राकेश शर्मा एक अंतरिक्ष यात्री थे। जिन्होंने सबसे पहले अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय अंतरिक्षयात्री थे। 2 अप्रैल 1984 को 21 घंटे 40 मिनट का समय अंतरिक्ष में बिताया था।

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